तन्हाई में भी बहुत सी अच्छाई है
तन्हाई में भी बहुत सी अच्छाई है I बिना बात हसाती है, रुलाती है बड़े -बड़े ख्याब दिखलाती है क्योंकि, तन्हाई में भी है बहुत सी अच्छाई अपने आप से मिलबाती है I ज़िंदगी जीने का तरीका सिखलाती है I आपनो की याद दिलाती है I बातें जो दफ़न हो गई है यादों की कब्र में उस से मिलबाती है I क्योंकि, तन्हाई में भी बहुत सी अच्छाई है I ख्यालों के मजधार में डुबोती है I खुद पर भरोसा करना सिखलाती है I क्योकि तन्हाई में भी बहुत सी अच्छाई है I